原标题:长沙县福临镇:多彩活动庆“双节” 安全督查护平安长沙县福临镇影珠山村社工室在该镇文化站召开退休教师座谈会。
बिजेन्द्र कुमार राजबंधु, बांका। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बांका की सियासत में अब नई पीढ़ी की एंट्री तेजी से हो रही है। कई माननीयों ने अपने पुत्र–पुत्रियों को राजनीति की राह पर आगे कर रहे हैं। इनमें से कुछ पहले ही सफलता पा चुके हैं, जबकि कुछ अभी तैयारी और जनसंपर्क में जुटे हैं। बांका के पूर्व सांसद दिग्विजय सिंह और पूर्व सांसद पुतुल कुमारी की पुत्री श्रेयसी सिंह जमुई से भाजपा की विधायक हैं। इस बार उनके चुनावी सफर की दूसरी पारी होगी। अमरपुर विधानसभा के पूर्व विधायक जर्नादन मांझी ने पिछली बार खुद चुनाव न लड़कर अपने पुत्र जयंत राज को मैदान में उतारा था। वर्ष 2020 के चुनाव में जयंत की जीत हुई और वे फिलहाल बिहार सरकार में भवन निर्माण मंत्री हैं। पुन: चुनाव मैदान में उतर रहे हैं।,इसी तरह झारखंड सरकार में मंत्री और बांका के ढ़ाकामोड़ गांव निवासी संजय प्रसाद यादव अपने पुत्र रजनीश को राजनीति में उतारने की तैयारी में हैं। लंदन से पढ़ाई कर लौटे रजनीश इन दिनों कहलगांव विधानसभा क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं।,वहीं, बांका के जदयू सांसद गिरिधारी यादव अपने छोटे बेटे चाणक्य प्रकाश को बेलहर से चुनाव लड़ाने की तैयारी में हैं। चाणक्य की भी पढ़ाई लंदन में हुई है। इन दिनों चाणक्य भी स्थानीय स्तर पर बेलहर विधान सभा क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है। जिला परिषद अध्यक्ष राजेन्द्र यादव भी कभी बहुजन समाज पार्टी से चुनाव लड़े थे। सफलता नहीं मिलने पर इस बार अपने पुत्र शरद यादव को चुनाव मैदान में उतारने को लेकर तैयारी में है। इसको लेकर फुल्लीडुमर से लेकर कई क्षेत्रों में सांस्कृतिक कार्यक्रम से लेकर होली मिलन समारोह की परंपरा निभाते रहे।,दरअसल, बांका जिला में पांच विधानसभा क्षेत्रों की संख्या है। इनमें में दो पर भाजपा, दो पर जदयू और एक सीट पर राजद का कब्जा है। वर्ष 2020 के चुनाव में उम्र का हवाला देकर अमरपुर से जदयू विधायक जर्नादन मांझी चुनाव नहीं लड़े थे। उन्होंने अपने एकलौते पुत्र जयंज राज को लड़ाया था। चुनाव में जयंत की जीत हुई थी और बिहार सरकार में वर्तमान में भवन निर्माण मंत्री हैं। वैसे चुनाव के एक साल बाद जर्नादन मांझी का निधन हो गया था।,बांका के पूर्व सांसद दिग्विजय सिंह की पत्नी पुतुल कुमारी लोक सभा क्षेत्र से चुनाव की तैयारी में थी। लोक सभा में यह सीट जदयू के कोटे में जाने पर निर्दलीय लड़ी थी। इसमें सफलता नहीं मिलने पर उन्होंने अपनी छोटी पुत्री श्रेयसी सिंह को जमुई से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ाया। वे जीतकर विधानसभा चली भी गई।,पूर्व राज्य सभा सदस्य जर्नादन यादव ने भी अपने छोटे पुत्र मनोज यादव को चुनाव मैदान में उतारा। बेलहर, कटोरिया विधान सभा से मनोज लड़ते रहे, पर सफल नहीं हुए। सीट जदयू में जाने के कारण फिलहाल उनकी सक्रियता पार्टी में बनी हुई है।,बेलहर से तीन बार के विधायक रहे गिरिधारी यादव फिलहाल सांसद हैं। वे भी अपने पुत्र चाणक्य प्रकाश को बेलहर से चुनाव लड़ाना चाहते हैं। फिलहाल बेलहर से जदयू विधायक मनोज यादव हैं। ऐसी स्थिति में चाणक्य किसी दूसरे दल से लड़ सकते हैं।,कटोरिया के पूर्व विधायक भोला यादव, धोरैया के पूर्व विधायक नरेश दास के पुत्र भी पंचायत चुनाव की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। अब बांका की राजनीति में इन युवाओं की एंट्री को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। अब देखना होगा कि अगला चुनाव इन युवाओं के लिए कितना मुफीद साबित होता है।。中秋节期间,福临镇机关党员、树湘公益的志愿者和老师们共同为当地学校的孩子们带来了一堂仪式感满满的课程。

二 | 红网时刻新闻9月12日讯(通讯员 廖卫民 陈佳骥 记者 胡邦建)“各位老教师们,感谢你们的辛勤付出。”“同学们,你们知道中秋节有哪些习俗吗?”“节假日期间,一定要绷紧安全弦,全力守护群众平安。”9月9日至12日,长沙县福临镇各级党员干部和树湘公益的志愿者们先后开展多项活动庆祝“双节”,并在影珠山等地进行值守,开展安全督查,守护群众假期平安。今年的中秋节恰逢我国第38个教师节。在教师节来临之际,福临镇影珠山村社工室在该镇文化站召开了退休教师座谈会,20余名退休教师齐聚一堂,进行交流探讨,共谋教育新篇章。大家表示,将继续关注福临镇教育事业的发展,为社会发展和下一代的教育尽一份绵薄之力。

三 | 今年以来,福临镇内退休老教师还积极开展了留守儿童教育帮扶计划,不少退休教师投身到公益活动,辅导留守儿童近百名。写书法、诵诗词、制花灯、穿汉服……中秋节期间,在福临镇中心幼儿园和陈树湘红军小学,福临镇机关党员、树湘公益的志愿者和老师们共同为孩子们带来了一堂仪式感满满的课程。孩子们在“沉浸式”教育中,感受中国传统文化的深厚底蕴,体验了一场“穿越时空”的国风之旅。

四 | “各值班小组要提高安全意识,确保镇域平安。”中秋节期间,除了开展形式多样的活动外,福临镇还组织各级党员干部150余人次,在影珠山景区、镇内主要交通干道、各类商超以及快递点等地开展值守,并针对疫情防控、消防安全、道路交通安全等重点工作进行了细致的检查。

五 | 此外,福临镇党政机关还联合派出所、交警队、执法队以及巡防队等部门,共同开展了夜间安全集中整治行动,采用定点设卡检查和不定点巡逻两种形式,全面打击违法行为,消除安全隐患,为全镇的社会稳定和人民安居乐业创造了良好环境。来源:红网作者: 廖卫民 陈佳骥 胡邦建 编辑:戴桢 本文链接:https://hn.rednet.cn/content/2022/09/12/11820066.html返回搜狐,查看更多责任编辑: